रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस आज अपनी जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। रिपोर्ट जारी करने के बाद कांग्रेस 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों के पक्ष में ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के एडीसी को भेजे गए पत्र के अनुसार, 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नकटी गांव में बारिश के दौरान 85 परिवारों के घरों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाएगा। कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू, शिव डहरिया, श्री कुमार मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे और नकटी जांच समिति के सदस्य संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस अपना आधिकारिक पक्ष रखेगी।
इससे पहले सोमवार को वन मंत्री केदार कश्यप ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कार्रवाई पूरे गांव में नहीं, बल्कि केवल एक वार्ड में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई थी। उन्होंने बताया कि नकटी गांव के 17 वार्डों में से सिर्फ एक वार्ड में कार्रवाई हुई है और पूरे गांव को उजाड़े जाने के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
वन मंत्री ने यह भी कहा कि संबंधित जमीन को आवासीय योजना के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया वर्ष 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू हुई थी। उनके अनुसार प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया गया है।
वहीं, सरकार के दावों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नकटी मामले में गलत जानकारी दी जा रही है। पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी भाजपा पर कार्रवाई को सही ठहराने के लिए अलग-अलग बयान देने का आरोप लगाया।
नकटी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर सरकार कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताते हुए अपना पक्ष मजबूती से रख रही है। अब 10 जुलाई को प्रस्तावित राज्यपाल से मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हैं।
