बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के NDPS एक्ट के मामले में विशेष NDPS न्यायालय, बिलासपुर ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मामले में नशीली दवाओं की तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई थी।
मामला अपराध क्रमांक 488/2025 का है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 21 और 22 के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 114 नग Buprenorphine Injection बरामद किए, जिनकी कुल मात्रा 228 ML थी।
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर 2025 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्वाली नाला के पास दबिश दी। इस दौरान दो आरोपियों के कब्जे से 62 नग Buprenorphine Injection बरामद किए गए। इसके बाद 9 सितंबर 2025 को आरोपी दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग इंजेक्शन और बरामद किए गए। मामले में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG10/BN2344, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई, को भी जब्त किया गया।
तीनों आरोपियों को 15-15 साल की सजा
इस मामले में दोषी पाए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
- निकेत वस्त्रकार (23 वर्ष), पिता रामावतार वस्त्रकार, निवासी घुटकू नयापारा, थाना कोनी, बिलासपुर।
- जयंत वस्त्रकार (22 वर्ष), पिता शिव कुमार वस्त्रकार, निवासी घुटकू नयापारा, थाना कोनी, बिलासपुर।
- दुर्गा वर्मा (31 वर्ष), पति अश्वनी वर्मा, निवासी घुटकू गोदाम मोहल्ला, थाना कोनी, बिलासपुर।
पुलिस ने मामले में साक्ष्य-आधारित विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया था। विशेष NDPS न्यायालय ने करीब सात माह में सुनवाई पूरी करते हुए तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया और प्रत्येक को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
नशे के कारोबारियों को कड़ा संदेश
इस फैसले के बाद बिलासपुर पुलिस ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और आपूर्ति में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों में गिरफ्तारी के साथ-साथ संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की जांच भी की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को न्यायालय से कठोर सजा का सामना करना पड़ेगा।
