रायपुर।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक विरोध का असर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी देखने को मिला। मंगलवार को भाजपा द्वारा कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के घेराव के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
घटना के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस ने कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरीकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और उन पर कांच की बोतलें, पत्थर, लकड़ियां तथा जूते फेंके।
खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, बल प्रयोग और कानून-व्यवस्था भंग करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान राजीव भवन के सामने भारी पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग की ओर बढ़े। पुलिस द्वारा रोकने और समझाइश देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद तनाव बढ़ गया और झड़प की स्थिति बन गई।
पुलिस ने जिन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी शामिल हैं। इनके अलावा अन्य कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132, 191 और 221 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और मामले की जांच जारी है।
