नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद परिसर में भाजपा सांसदों द्वारा किए गए उनके स्वागत और सम्मान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आपको यह शर्मनाक नहीं लगता?” प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस मंत्री ने छात्रों से जुड़े गंभीर विवाद और पेपर लीक मामलों के बीच इस्तीफा दिया, उसका इस तरह अभिनंदन करना युवाओं की भावनाओं का अपमान है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में इस्तीफा देने वाले मंत्री का सम्मान करना गलत संदेश देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन में लगी हुई है।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे, जहां भाजपा और एनडीए सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया और “धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद” के नारे लगाए। यह स्वागत उनके इस्तीफे के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसके बाद विपक्ष ने भाजपा को निशाने पर लिया।
कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं भाजपा नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में कहा कि उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं और पार्टी उनके योगदान का सम्मान करती है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
