रायपुर: राजधानी रायपुर में नाबालिगों द्वारा तेज रफ्तार से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सामने आए आंकड़ों ने भी स्थिति की गंभीरता उजागर कर दी है। शहर में 12वीं कक्षा में करीब 40 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि परिवहन विभाग के अनुसार इस आयु वर्ग में सिर्फ 11 हजार युवाओं के पास ही वैध ड्राइविंग लाइसेंस है।
ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र बिना लाइसेंस दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। कई मामलों में तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और अनुभव की कमी गंभीर हादसों की वजह बन रही है।
परिवहन और ट्रैफिक विभाग लगातार लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें और सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, अभिभावकों की जिम्मेदारी और नियमों का सख्ती से पालन ही नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगा सकता है।
