नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विदेशी मुद्रा (Forex) स्वैप सुविधा को मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। इस सुविधा के तहत 31 जुलाई 2026 तक करीब 40.8 अरब डॉलर (USD 40.82 billion) का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा 17 जुलाई के स्तर से लगभग दोगुना है, जब कुल प्रवाह करीब 20.72 अरब डॉलर था।
RBI की इस विशेष स्वैप सुविधा का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बढ़ाना, बाहरी क्षेत्र को मजबूती देना और रुपये पर दबाव कम करना है। इस योजना के तहत विदेशी मुद्रा जमा और उधारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
FCNR(B) डिपॉजिट से सबसे ज्यादा योगदान
RBI के आंकड़ों के अनुसार, इस कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह में FCNR(B) यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) Deposits का सबसे बड़ा योगदान रहा है। इसके जरिए करीब 36.73 अरब डॉलर की राशि जुटाई गई, जबकि Overseas Foreign Currency Borrowings (OFCBs) और External Commercial Borrowings (ECBs) से भी महत्वपूर्ण योगदान मिला।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश की बाहरी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी। विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने से रुपये की स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
SBI Research ने जताई आगे और बढ़ोतरी की उम्मीद
SBI Research के अनुमान के अनुसार, RBI की इस स्वैप सुविधा के जरिए आने वाले समय में विदेशी मुद्रा प्रवाह और बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कुल प्रवाह के 80-85 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
RBI की यह पहल भारत के वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने और विदेशी पूंजी आकर्षित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। बढ़ता विदेशी मुद्रा प्रवाह देश की भुगतान संतुलन (Balance of Payments) स्थिति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
