नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026:महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में एक बड़ा मोड़ आने के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि इस गैर-कानूनी सट्टेबाजी रैकेट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अपने लोग शामिल हैं, यही वजह है कि सरकार ने इस ऐप को बंद करने की शक्ति होने के बावजूद समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
दिल्ली में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए बघेल ने हालिया जांच और गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए केंद्र की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मुख्य आरोप: “भाजपा के पदाधिकारी ही निकले संलिप्त”
भूपेश बघेल ने हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का ज़िक्र करते हुए कहा कि दिल्ली भाजपा इकाई के इकोनॉमिक अफेयर्स सेल के चेयरमैन विकास गर्ग का नाम इस मामले में सामने आया है।
- ₹904 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त: बघेल के अनुसार, इस मामले से जुड़े नेटवर्क में करीब ₹904 करोड़ की चल-अचल संपत्ति ज़ब्त की गई है, जिसके तार सीधे तौर पर भाजपा नेता से जुड़ रहे हैं।
- ट्रांजिट रिमांड पर मंज़ूरी: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने हाल ही में विकास गर्ग (Ebix चेयरमैन) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजने की मंज़ूरी दी है, ताकि उन्हें रायपुर (छत्तीसगढ़) की विशेष PMLA अदालत में पेश किया जा सके।
भूपेश बघेल का बयान:”
शुरुआती कार्रवाई हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने की थी। लगभग 72 FIR दर्ज हुईं, सैकड़ों गिरफ्तारियां की गईं और हजारों बैंक खातों को फ्रीज किया गया था। उस समय केंद्र सरकार ने हम पर इस सट्टेबाजी रैकेट को ढाल देने का झूठा आरोप लगाया था। लेकिन आज सच्चाई सामने है। जब बंद करने का अधिकार भारत सरकार के पास था, तो उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की? वजह साफ है—उनके अपने लोग इसमें शामिल हैं।
” पूर्व अधिकारियों की जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने सिर्फ राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि कुछ पूर्व आला अधिकारियों पर भी निशाना साधा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मांग की कि इस पूरे मामले के पीछे के नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए पूर्व अधिकारियों नवनीत सहगल और हिरेन जोशी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
- ₹6,000 करोड़ का घोटाला: महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट है, जो अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग (हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए) का काम भारत और विदेशों से संचालित कर रहा था।
- राजनीतिक घमासान: साल 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने आरोप लगाया था कि ऐप के प्रमोटरों (सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल) ने भूपेश बघेल को ₹508 करोड़ की रिश्वत दी थी। बघेल ने इन आरोपों को हमेशा ‘राजनीतिक साजिश’ और ‘छवि धूमिल करने का प्रयास’ बताया है।
- नया मोड़: हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में 6 चार्जशीट दाखिल की हैं। वहीं, भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़े विकास गर्ग की ED द्वारा की गई ताज़ा गिरफ्तारी ने अब कांग्रेस को केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर पलटवार करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
