नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को कथित तौर पर की गई ‘लुंगी वाला’ टिप्पणी को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। मामला इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
हंगामे के बीच सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि एक वैधानिक प्रस्ताव के दौरान एक महिला सांसद ने उन्हें बार-बार ‘लुंगी वाला’ कहकर संबोधित किया। ब्रिटास ने इस टिप्पणी को दक्षिण भारतीय संस्कृति और राज्यसभा की गरिमा के खिलाफ बताया।
जेपी नड्डा ने कहा- हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान होना चाहिए
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि देश के हर राज्य और उसकी वेशभूषा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की टिप्पणियों का समर्थन नहीं किया जाता। हालांकि, नड्डा ने यह भी कहा कि मामले में दूसरे पक्ष की बात को भी सुना जाना चाहिए, ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
किरेन रिजिजू ने समाधान की बात कही
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद में सभी सदस्य समान भारतीय हैं और किसी भी क्षेत्र या संस्कृति का अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभापति को दोनों पक्षों के सदस्यों को बुलाकर बातचीत के जरिए मामले का समाधान करना चाहिए।
‘लुंगी वाला’ टिप्पणी को लेकर हुए इस विवाद ने एक बार फिर संसद में क्षेत्रीय पहचान, सांस्कृतिक सम्मान और सदन की मर्यादा से जुड़े सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
